- Advertisement -Newspaper WordPress Theme
एग्री बिजनेसफसल बीमापीएमएफबीवाई क्रॉप इंश्योरेंस - पात्रता, डॉक्यूमेंट्स, रजिस्ट्रेशन और क्लेम के बारे में...

पीएमएफबीवाई क्रॉप इंश्योरेंस – पात्रता, डॉक्यूमेंट्स, रजिस्ट्रेशन और क्लेम के बारे में तुरंत जानें

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार की एक पहल है. पीएमएफबीवाई स्कीम के तहत, किसान को अपनी फसल का इंश्योरेंस मिल सकता है, और वह वेब पोर्टल की सहायता से किसी भी प्रश्न और समस्या का समाधान पा सकता है. यह पोर्टल भारत सरकार के विभिन्न विभागों को इस स्कीम के बारे में ऐसी जानकारियां प्रदान करने की सुविधा देता है, जो लंबे समय में किसानों को लाभ दे सकती हैं. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना स्कीम किसी अप्रत्याशित घटना के कारण होने वाले किसी भी फाइनेंशियल नुकसान के लिए भारतीय किसानों को कवरेज प्रदान करती है. पीएम फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदा, फसल रोग, कीट, बेमौसम बारिश आदि के कारण होने वाले नुकसान के मामले में इंश्योरेंस कवरेज प्रदान करती है. इससे किसानों को स्थिर आय प्राप्त करने में मदद मिलेगी और वे कृषि कार्य जारी रखेंगे व नए और आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाएंगे. इसके अलावा, यह कृषि क्षेत्र में क्रेडिट प्रवाह को भी सुनिश्चित करती है. आप इस पोर्टल लिंक पर जाकर पीएमएफबीवाई पोर्टल को आसानी से एक्सेस कर सकते हैंः: https://pmfby.gov.in

पीएमएफबीवाई स्कीम की मुख्य विशेषताएं

पीएमएफबीवाय स्कीम का मुख्य उद्देश्य ‘एक राष्ट्र, एक फसल, एक प्रीमियम’ है. इस प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लक्ष्य सभी भारतीय किसानों को किफायती प्रीमियम पर क्रॉप इंश्योरेंस प्रदान करना है. आइए, हम पीएमएफबीवाई स्कीम की मुख्य विशेषताओं पर एक नज़र डालते हैं:

  • लोन लेने वाले किसान के मामले में, अधिसूचित फसलों के लिए फसल लोन/केसीसी अकाउंट प्राप्त करने के लिए पीएमएफबीवाई स्कीम अनिवार्य है.
  • खरीफ खाद्य और तिलहन फसलों के लिए किसान द्वारा भुगतान योग्य अधिकतम प्रीमियम 2% होगा. रबी खाद्य और तिलहन फसलों के लिए, यह 1.5% है और वार्षिक कमर्शियल या बागवानी फसलों के लिए यह 5% होगा.
  • प्रीमियम और किसानों द्वारा भुगतान योग्य इंश्योरेंस दरों के बीच अंतर का भुगतान केंद्र और राज्य दोनों द्वारा बराबर-बराबर किया जाएगा.
  • यह स्कीम ‘क्षेत्र दृष्टिकोण’ के आधार पर लागू की जाती है. इसके भीतर, प्रमुख फसलों के लिए इंश्योरेंस की इकाई गांव/ग्राम पंचायत होगी. अन्य फसलों के लिए, यह गांव या ग्राम पंचायत से अधिक आकार की कोई इकाई हो सकती है.
  • किसी भी टाले न जा सकने वाले प्राकृतिक जोखिम के कारण फसलों को हुए नुकसान का मूल्यांकन ‘क्षेत्र दृष्टिकोण’ के आधार पर किया जाएगा’.
  • इसमें टेक्नोलॉजी के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया गया है. फसल काटने की तिथि को कैप्चर/अपलोड करने के लिए स्मार्टफोन का उपयोग किया जाएगा. इससे किसानों को क्लेम के भुगतान में होने वाली देरी कम होगी. फसल कटाई के प्रयोगों को कम करने के लिए रिमोट सेंसिंग का उपयोग किया जाता है.
  • पीएमएफबीवाई स्कीम, एनएआईएस/एमएनएआईएस स्कीम की जगह पर लाई गई है. इसलिए, स्कीम के कार्यान्वयन में शामिल सभी सेवाएं सर्विस टैक्स की देयता से मुक्त हैं.

    पीएमएफबीवाई के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवश्यक सभी डॉक्यूमेंट की जानकारी नीचे दी गई है:

    • किसान की पासपोर्ट साइज़ फोटो
    • किसान का पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट)
    • किसान का एड्रेस प्रमाण (आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट)
    • अगर किसान खेत का मालिक है, तो ‘खसरा’ पेपर और अकाउंट नंबर को साथ रखना होगा
    • अगर खेत में फसल केवल बोई गई है, तो उसके प्रमाण को प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी
    • प्रमाण के रूप में, किसानों को प्रधान, सरपंच, ग्राम प्रधान, पटवारी आदि जैसे लोगों से एक लेटर प्राप्त करना चाहिए.

      पीएमएफबीवाई पोर्टल पर अपने रजिस्ट्रेशन को पूरा करने के चरण

      भारत सरकार ने सभी भारतीय किसानों को पीएम फसल बीमा योजना स्कीम के लिए खुद को स्वयं रजिस्टर करने की सुविधा प्रदान की है. यहां बताया गया है कि किसान किस प्रकार पीएमएफबीवाई पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:

      1. पीएमएफबीवाई पोर्टल https://pmfby.gov.in/ पर जाएं
      2. इसके बाद यूज़र को खुद को रजिस्टर करने के लिए ‘रजिस्टर करें’ टैब पर क्लिक करना होगा.
      3. मांगी गई पर्सनल और आधिकारिक जानकारी दर्ज करें.
      4. इसके बाद यूज़र को आधार नंबर (ऑटोमैटिक रूप से सत्यापन) और मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन) सत्यापित करना होगा.
      5. रजिस्ट्रेशन अप्रूव हो जाने के बाद, यूज़र को अप्रूवल/रिजेक्शन के बारे में एसएमएस या ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाता है.

        पीएमएफबीवाई क्रॉप इंश्योरेंस की क्लेम प्रोसेस

        प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की क्लेम प्रोसेस आसान और सुविधाजनक है. पीएमएफबीवाई स्कीम की क्लेम प्रोसेस में शामिल सामान्य चरणों के बारे में नीचे बताया गया है:

        • सबसे पहले, इंश्योर्ड किसान को आपदा के 72 घंटों के भीतर इंश्योरेंस कंपनी/संबंधित बैंक/स्थानीय कृषि विभाग या जिला अधिकारियों को नुकसान के बारे में तुरंत सूचित करना चाहिए.
        • सूचना में इंश्योर्ड किसान के बारे में सभी विवरण, जैसे नाम, प्रभावित सर्वे नंबर आधारित इंश्योर्ड फसल और प्रभावित एकड़ आदि की जानकारी शामिल होनी चाहिए. पहचान और सत्यापन के उद्देश्य से अन्य आवश्यक विवरणों में किसान का एप्लीकेशन नंबर (एनसीआईपी के अनुसार), मोबाइल नंबर, केसीसी अकाउंट नंबर (लोन लेने वाले किसान के मामले में), या सेविंग बैंक अकाउंट नंबर (क्रॉप इंश्योरेंस के लिए अप्लाई करते समय की गई घोषणा के अनुसार लोन नहीं लेने वाले किसान के मामले में) शामिल हैं.
        • पोर्टल से प्रीमियम भुगतान का सत्यापन किया जाता है. अगर आवश्यक हो, तो इसे बैंक द्वारा सत्यापित किया जा सकता है. बैंक अधिकांशतः ऐसे किसी भी अनुरोध की प्राप्ति के अगले 48 घंटों के भीतर भुगतान का सत्यापन प्रदान करता है.
        • कटाई के बाद होने वाली किसी घटना की सूचना देने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन ‘Crop Insurance App’ का उपयोग किया जाता है, जिसमें लॉन्गिट्यूड/लैटिट्यूड के विवरण के साथ तस्वीरें प्रदान की जाती हैं.
        • सत्यापन पूरा होने के बाद, इंश्योर्ड किसान के बैंक अकाउंट में क्लेम के लाभ इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रदान किए जाते हैं.

        संक्षेप में

        प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना स्कीम भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख स्कीम है. क्रॉप इंश्योरेंस एक महत्वपूर्ण टूल है, जो किसी बड़े अप्रत्याशित नुकसान की छोटी से छोटी संभावना से भी सुरक्षा प्रदान करता है. याद रखें, पीएमएफबीवाई स्कीम आपको किसी भी अनिश्चितता के खिलाफ तैयार रहने में मदद करती है, जिसके नहीं होने पर आपको फाइनेंशियल नुकसान हो सकता है. *मानक नियम व शर्तें लागू बीमा आग्रह की विषयवस्तु है. लाभों, शामिल न की गई चीज़ों, सीमाओं, नियम और शर्तों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया इंश्योरेंस खरीदने से पहले सेल्स ब्रोशर/पॉलिसी डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें.

Subscribe Today

GET EXCLUSIVE FULL ACCESS TO PREMIUM CONTENT

SUPPORT NONPROFIT JOURNALISM

EXPERT ANALYSIS OF AND EMERGING TRENDS IN CHILD WELFARE AND JUVENILE JUSTICE

TOPICAL VIDEO WEBINARS

Get unlimited access to our EXCLUSIVE Content and our archive of subscriber stories.

Exclusive content

- Advertisement -Newspaper WordPress Theme

Latest article

More article

- Advertisement -Newspaper WordPress Theme