नीलगाय से खेत बचाने के लिए गंध वाले उपाय (मट्ठे, फिनाइल, लहसुन-प्याज का घोल), भौतिक बाधाएं (तार, कांटेदार झाड़ियाँ, पुतला), ध्वनि/प्रकाश (शोर मचाने वाले यंत्र, चमकीली पट्टियाँ) और कुछ फसलें (सूरजमुखी, गेंदा) लगा सकते हैं, साथ ही आधुनिक तरीके जैसे इलेक्ट्रिक फेंसिंग या केमिकल स्प्रे का प्रयोग कर सकते हैं, जिससे वे खेत से दूर रहें और फसल सुरक्षित रहे।
1. गंध और प्राकृतिक उपाय
गोबर और फिनाइल: गोबर के घोल में फिनाइल मिलाकर खेत की मेड़ों पर छिड़कें या कपड़े में फिनाइल लगाकर डंडों पर बांध दें।
मट्ठा-लहसुन-प्याज घोल: मट्ठे में छिला प्याज और बालू मिलाकर छिड़काव करें; इसकी गंध से नीलगाय दूर रहती है।
नीम और राख: नीम की खली और ईंट भट्ठे की राख का घोल बनाकर छिड़कें।
सड़ी सब्जियों का घोल: गोमूत्र, सड़ी सब्जियों और पोल्ट्री कचरे का घोल भी छिड़का जा सकता है।
2. भौतिक बाधाएं और दृश्य उपाय
तारबंदी: खेतों के चारों ओर मोटी जाली या कंटीली तार की फेंसिंग लगाएं।
मानव पुतला: खेत में आदमी के आकार का पुतला खड़ा करें।
चमकीली वस्तुएं: चमकीले कपड़े या पट्टियाँ बांधें, जो रात में रोशनी में चमककर उन्हें डराते हैं।
कुत्तों का उपयोग: प्रशिक्षित कुत्ते नीलगाय को भगाने और किसान को सचेत करने में मदद कर सकते हैं।
3. ध्वनि और प्रकाश
शोरगुल वाले उपकरण: शिकारी की आवाज या तेज आवाज निकालने वाले उपकरण लगाएं।
बोल्ट-बॉटल मॉडल: पेड़ों की टहनियों पर या गाड़े गए डंडों पर बोल्ट और बोतल बांधें, जो हवा से ध्वनि उत्पन्न करें।
4. फसल आधारित उपाय
गेंदा और सूरजमुखी: खेत की मेड़ों पर गेंदा या सूरजमुखी लगाएं; इनकी गंध और रात में पुतले जैसा दिखना नीलगाय को दूर रखता है।
कैक्टस: कंटीली फसलों (जैसे कैक्टस) का उपयोग करें।
5. रासायनिक और आधुनिक तरीके
केमिकल स्प्रे: बाजार में उपलब्ध कुछ खास केमिकल (जैसे ‘डेंजर’) का घोल बनाकर स्प्रे कर सकते हैं।
झटका मशीन (इलेक्ट्रिक फेंसिंग): यह एक प्रभावी लेकिन खतरनाक तरीका है, जिसे सावधानी से प्रयोग करना चाहिए।
शाम के समय छिड़काव: फिनाइल या अन्य घोलों का छिड़काव शाम के समय करें, जब हवा का बहाव कम होता है, ताकि गंध ज्यादा देर तक खेत में बनी रहे।



