Mustard सरसों की उन्नत खेती के लिए सही समय (सितंबर-अक्टूबर), उचित दूरी (45 सेमी x 20 सेमी), उन्नत किस्में (जैसे पायो 45s46, स्टार), और गहरी जुताई के साथ जैविक/रासायनिक खाद (जैसे SSP, यूरिया, पोटाश, जिंक, सल्फर) का प्रयोग महत्वपूर्ण है, साथ ही कीटों से बचाव के लिए बीज उपचार और छिड़काव भी ज़रूरी है, ताकि अच्छी पैदावार मिल सके और माहू/सफेद रतुआ जैसे रोगों से बचा जा सके.
1. खेत की तैयारी और बुवाई का समय
तापमान: 25-26°C तापमान बुवाई के लिए आदर्श है.
समय: बारानी (बारिश पर निर्भर) क्षेत्रों में 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक और सिंचित क्षेत्रों में अक्टूबर के अंत तक बुवाई करें, इससे माहू का प्रकोप कम होता है.
विधि: मेड़ बनाकर (बेड विधि) बुवाई करें, इससे शाखाएँ अच्छी आती हैं. सीड ड्रिल मशीन से पंक्तिबद्ध बुवाई करें. छिटकाव विधि से बचें.
गहराई: 3-4 सेमी गहराई उपयुक्त है.
2. उन्नत किस्में
पायो 45s46, पायो 45s42.
स्टार 10-15.
एडवांटा एडीवी 400 14.
बायर 52 22

3. खाद एवं उर्वरक (बुवाई के समय)
बेसल डोज: 100 किग्रा सिंगल सुपर फास्फेट (SSP), 35 किग्रा यूरिया, 25 किग्रा म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति एकड़.
जिंक और सल्फर: यूरिया और जिंक सल्फेट (80% वाला) मिलाकर प्रयोग करें. सल्फर मिलाने से नमी सोखने में मदद मिलती है.
4. बीज उपचार
सफेद रतुआ से बचाव: मेटालैक्सिल (6 ग्राम/किग्रा बीज) या बाविस्टीन (2 ग्राम/किग्रा बीज) से उपचारित करें.
5. कीट एवं रोग प्रबंधन
माहू/एफिड: इमिडाक्लोप्रिड या मिथाइल पैराथियान का छिड़काव करें. जल्दी बुवाई भी बचाव है.
पेंटेड बग: गहरी जुताई करें और बुवाई के 4-5 सप्ताह बाद सिंचाई करें.
फसल के कीट: मैलाथियान 50 EC का छिड़काव करें.
6. सिंचाई एवं खरपतवार नियंत्रण
सिंचाई: पहली सिंचाई बुवाई के 20-25 दिन बाद करें.
खरपतवार: पेंडामेथलीन जैसे खरपतवारनाशक का प्रयोग करें, इसके बाद हल्की रोटावेटर चला दें.
7. कटाई
फसल पीली पड़ें और फलियां भूरी होने लगें, तब कटाई करें, अधिक पकने पर फलियां चटक सकती है.



